hindmedianews
Breaking News
अन्यछत्तीसगढ़राजनीती
IMG-20250714-WA0596
previous arrow
next arrow

*प्रेस विज्ञप्ति*

*आम आदमी पार्टी बालोद छत्तीसगढ़*

*05/07/2025*

 

*तमनार जंगल कटाई: भूपेश बघेल जी आपको विरोध करने का नैतिक अधिकार नहीं-बालक साहू, जिला अध्यक्ष, AAP,बालोद छग*

 

 *कांग्रेस भाजपा अडानी के गोद में बैठकर जंगल काट रहे,दोनों की मंशा छत्तीसगढ़ को लूटना है – छाया विधायक चौंवेद्र साहू(लोकसभा सचिव कांकेर)* 

 

रायपुर, 5 जुलाई 2025। आम आदमी पार्टी बालोद जिला अध्यक्ष बालक साहू ने रायगढ़ के तमनार में हो रही जंगल कटाई पर कहा है कि जो कांग्रेस सरकार और भूपेश बघेल तमनार में जंगल कटाई का विरोध कर रहे हैं भूपेश बघेल शायद यह भूल गए हैं कि 2022 में भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार ने पीईकेबी परियोजना के तहत हसदेव अरण्य में कोयला खनन के लिए वन भूमि की मंजूरी दे दी थी, जिसमें करीब 80,000 पेड़ काटने की अनुमति दी गयी थी और पेड़ काटे भी थे। हसदेव अरण्य में जंगल की कटाई पर वहां के आदिवासियों ने भारी विरोध जताया था लेकिन भूपेश बघेल जी आपकी सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी। और जब हजारों आदिवासी राजधानी रायपुर में अपनी बात रखने के लिए आपसे मिलना चाहते थे तो आपने उनसे मिलना भी उचित नहीं समझा। इस तरह भूपेश बघेल जी आपको वर्तमान जंगल कटाई का विरोध करने का नैतिक अधिकार नहीं है।

 

“आप” लोकसभा सचिव,छाया विधायक संजारी बालोद चौंवेद्र साहू ने कहा कि जब कांग्रेस की सरकार में हसदेव अरण्य के जंगल काटे जा रहे थे तब भाजपा की ओर से केदार कश्यप और राम विचार नेताम ने इसका विरोध किया था,और केदार कश्यप ने कहा था जंगल नहीं काटना चाहिए। केदार कश्यप जी आज आप वनमंत्री हैं तो आप क्या उस समय के अपने वादे को आज पूरा करेंगे? इस तरह देखा जाये तो जंगल काटने चाहे हसदेव का हो या या तमनार का जंगल। दोनों ही पार्टियों की कथनी और करनी अलग है और यह दोनों पार्टियां अडानी के गोद में बैठे हुए इनको प्रकृति का नुकसान और आदिवासियों के हितों से से कोई लेना देना नहीं है। राज्य एवं केंद्र सरकारों ने इन परियोजनाओं को मंजूरी दी, और दोनों सरकारों पर आदिवासियों और पारिस्थितिकी को नजरंदाज करने का आरोप सही है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ने जंगल कटाई के लिए ग्रामसभा की सहमति के दस्तावेज़ फर्जी बनाये या भ्रामक जानकारी देकर कटाई की। बीजेपी कांग्रेस दोनों की मंशा छत्तीसगढ़ को लूटना है।

 

जिला अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ कांता गरिया ने कहा कि दोनों पार्टियों ने आदिवासी समुदायों की सहमति, पारदर्शिता, और पारिस्थितिक संतुलन, फर्जी ग्रामसभा और भारी पुलिस तैनाती ने स्थानीय आदिवासी समुदायों के साथ विश्वासघात किया है। हसदेव अरण्य में पेड़ों की कटाई और खनन निष्पादन में दोष केवल एक राजनीतिक पार्टी का नहीं, बल्कि दोनों—कांग्रेस और भाजपा—की नीतियों और निर्णयों का मिलाजुला परिणाम रहा है।

 

संबंधित पोस्ट

मुख्यमंत्री भेंट मुलाकात की कबीरधाम जिले में पूरी हुई 18 घोषणाएं

hindmedianews

नाबालिग को चतुराई से भगाकर अनाचार करने वाले आरोपी गिरफ्तार ~दामापुर चौकी का मामला

hindmedianews

एक्के नंबर – सब्बो बर” के जरिए अब एक कॉल पर मिलेगी हर आपातकालीन सहायता ,अत्याधुनिक इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन और हाईवे पेट्रोलिंग वाहन को दिखाई गई हरी झंडी ,कबीरधाम में “डायल-112 फेस-2 नेक्स्ट जनरेशन” सेवा शुरू

Sakshi Bansod

गुण्डारदेही विकासखंड के ग्राम सतमरा मे श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन 20 दिसंबर से 28 दिसंबर

Chunesh Sahu

कबाड़ का धंधा पनाह दे रहा चोरी और नशा को पनाह

hindmedianews

शासकीय हाई स्कूल पेंडरवानी में शाला प्रवेश उत्सव मनाया गया

Chunesh Sahu