कवर्धा: कबीरधाम जिले के पंडरिया पुलिस अनुविभाग के क्षेत्र में वर्षों से संचालित जुआ खेल का तांडव रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है। सरकार गई और फिर आ गई पर चमचा युग में पैसे का लालच और दाग नुमा ओहदे नहीं गए। ज्ञात हो कि पूर्वर्ती सरकार की व्यवस्था में लगे चम्मचों का बोल बाला हुआ करता था। अब सनातन धर्म की दुहाई देने वाली सरकार के अधीन रहने वालों चम्मचों की मानो लॉटरी ही लग गई। देश व समाज को गर्त में ले जाने वाली ऐसा खेल जिसे जुआ और इंटरनेशनल भाषा ताश , कार्ड आदि नामों से जाना जाता है। देश व समाज को बढ़ावा देते हुए विकास और अच्छाई की ओर ले जाने वाले सरकार की शासन काल में भी यह दुर्गम कृत्य संचालित है। सरकार की लचीली व्यवस्था के चलते प्रशासन में कसावट नजर नहीं आ रही हैं जिसके चलते कबीरधाम जिले के अधीन पंडरिया पुलिस अनुविभाग के कुकदूर और पंडरिया थाना क्षेत्र में जुआ का अवैध कारोबार बड़ी सरलता और कानून की सह से संचालित हो रही हो मानो प्रतीत होता है। विडंबना है कि सरकार की मंशा और कानून व्यवस्था, कानून की सम्मान तथा कानून की गरिमा को धूमिल करते हुए इन जुआ संचालक को सह देते हुए निष्फीक्र ऐसे अंजाम को देने की चाहे अनचाहे में शिफारिश किया जा रहा है।
अनेक लोगों की जिंदगी और मौत से ताल्लुक रखता है यह घातक खेल जिला प्रशासन कबीरधाम को इस तरह की थाना क्षेत्र में होने वाले अनैतिक कार्यों को, जुआ, सट्टा जैसे खेल को बढ़ावा देने वाले थाना व खेलने खेलाने वाले लोगों पर शिकंजा कसते हुए समाज को एक नई दिशा विकास की मुख्य धारा से जोड़े जिससे जन जीवन का विकास हो सके और शासन प्रशासन के प्रति आम जनों की विश्वास, भरोसा तथा उम्मीद बरकरार रह सके जिससे सरकार की प्रसंशा हो।
सुशासन तो अच्छी है पर शासन भी अच्छी हो जनता की उम्मीद है सरकारें जनता ही बनाती और हटाती है।